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जमीन हड़पने और आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से बौखलाए मंत्री रत्नेश सदा

सहरसा के डीबी रोड स्थित पूजा बैंकट हॉल में आयोजित ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम के दौरान उस समय भारी हंगामा और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा ने खुलेआम अपनी भड़ास निकालते हुए पत्रकार दीपेंद्र कुमार को कवरेज करने से रोक दिया और भरी सभा में अपमानित कर बाहर जाने को कहा।
​जमीन हड़पने और आय से अधिक संपत्ति का मामला आया था सामने
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित मोहम्मद शकील अहमद ने बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा पर उनकी कीमती जमीन जबरन हड़पने और सहरसा से लेकर पटना, दिल्ली और मुंबई तक अकूत ‘आय से अधिक संपत्ति’ अर्जित करने का गंभीर आरोप लगाया था। इस सनसनीखेज मामले की जमीनी हकीकत और पीड़ित पक्ष के आरोपों को लेकर पत्रकार दीपेंद्र कुमार ने बिना किसी दबाव के पूरी निष्पक्षता से खबर प्रकाशित व प्रसारित की थी।
​बौखलाहट में खोया आपा, खबर चलाने वाले पत्रकार को दी धमकी
अपनी कारगुजारियों और भ्रष्टाचार की पोल खुलने से तिलमिलाए मंत्री रत्नेश सदा सार्वजनिक मंच पर आपा खो बैठे। जैसे ही पत्रकार दीपेंद्र कुमार कार्यक्रम की कवरेज के लिए पहुंचे, मंत्री ने उन्हें निशाना बनाते हुए कवरेज बंद करने और सभा स्थल छोड़कर चले जाने का हुक्म सुना दिया। मंत्री की यह कार्रवाई स्पष्ट तौर पर उनकी बौखलाहट और सच को दबाने की कोशिश को दर्शाती है।
​पत्रकारों और आम जनता में गहरा रोष
एक तरफ बिहार सरकार पारदर्शी शासन का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ कैबिनेट मंत्री द्वारा अपने खिलाफ लगे गंभीर आरोपों की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार पर इस तरह का दबाव बनाना लोकतंत्र और पत्रकारिता के लिए सीधा खतरा है। इस घटना के बाद से जिले के पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध नागरिकों में भारी आक्रोश है। विभिन्न पत्रकार संघों ने मंत्री रत्नेश सदा के इस असंसदीय व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उन पर कठोर कार्रवाई करने और मो. शकील अहमद द्वारा लगाए गए आरोपों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

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