मधुबनी: सीतेश चौधरी, 04 अक्टूबर 2026। कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के प्रयोग और किसानों को वैज्ञानिक खेती की नवीन विधियों से जोड़ने की दिशा में कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा), मधुबनी की ओर से महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत किसानों के लिए राज्य से बाहर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य सरसों की वैज्ञानिक खेती, प्रसंस्करण, विपणन तथा कृषि क्षेत्र में विकसित हो रही नई तकनीकों से किसानों को परिचित कराना है।
इसी क्रम में 05 अक्टूबर से 09 अक्टूबर 2026 तक राजस्थान के भरतपुर स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मधुबनी जिले के सभी प्रखंडों से चयनित किसान भाग लेंगे। प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि आधुनिक कृषि पद्धतियों के व्यावहारिक पक्षों को भी समझने का अवसर मिलेगा।
प्रशिक्षण के दौरान विशेष रूप से सरसों की उन्नत एवं वैज्ञानिक खेती पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। किसानों को बेहतर उत्पादन के लिए अपनाई जाने वाली तकनीकों, फसल प्रबंधन, कृषि में नवीन प्रयोगों, प्रसंस्करण तथा उत्पादों के मूल्य संवर्धन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन और किसान समूहों के स्तर तक नई तकनीकों के प्रभावी हस्तांतरण की प्रक्रिया को भी समझाया जाएगा।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषता कृषि अनुसंधान एवं तकनीकी संस्थानों का भ्रमण भी होगा। किसान इन संस्थानों में जाकर अनुसंधान के आधार पर विकसित की गई आधुनिक कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक खेती की पद्धतियों को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकेंगे। इससे उन्हें कृषि क्षेत्र में हो रहे नए प्रयोगों और तकनीकी बदलावों की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त होगी।
प्रशिक्षण से अर्जित ज्ञान को केवल कार्यक्रम में शामिल किसानों तक सीमित नहीं रखने की योजना है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले किसान अपने-अपने क्षेत्रों में अन्य किसानों के साथ जानकारी साझा करेंगे। इसके लिए किसान प्रशिक्षण, किसान गोष्ठी, प्रक्षेत्र प्रदर्शन और अन्य कृषि विस्तार गतिविधियों का सहारा लिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य जिले के अधिक से अधिक किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों से जोड़ना और खेती में तकनीकी ज्ञान के उपयोग को बढ़ावा देना है।
परियोजना निदेशक, आत्मा, मधुबनी ने बताया कि राज्य के बाहर आयोजित होने वाले ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों को देश के विभिन्न कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थानों में विकसित नवीन तकनीकों को नजदीक से समझने का अवसर प्रदान करते हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी को स्थानीय कृषि परिस्थितियों के अनुरूप अपनाकर अन्य किसानों तक पहुंचाने पर भी विशेष जोर दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयासों से किसानों में आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी तथा उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी। इससे मधुबनी जिले में तकनीक आधारित, टिकाऊ और बेहतर कृषि व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।