दरभंगा: सीतेश चौधरी, 04 अक्टूबर 2026। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा की ओर से बेनीपुर नगर परिषद क्षेत्र के बसुहाम स्थित वार्ड संख्या 9 के मदरसा परिसर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता तथा विभिन्न कानूनी सेवा योजनाओं के प्रति जागरूक करना था। यह आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा श्री अजय कुमार शर्मा के निर्देश पर किया गया।
कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता मोहम्मद हैदर अली ने उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आर्थिक या सामाजिक कारणों से किसी व्यक्ति को न्याय प्राप्त करने से वंचित न होना पड़े, इसके लिए जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। विशेष रूप से कारागार में बंद बंदियों तथा उनके परिवार के सदस्यों के लिए भी विधिक सहायता की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि जेल के अंदर बंदियों की कानूनी समस्याओं के समाधान और उन्हें आवश्यक सलाह देने के लिए जेल विधिक सहायता क्लिनिक की व्यवस्था है। वहीं बंदियों के परिजनों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जेल मुलाकात क्षेत्र में विधिक सहायता केंद्र स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से बंदियों के परिवारजन अपनी कानूनी समस्याओं के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
पैनल अधिवक्ता ने अपराध से प्रभावित व्यक्तियों और उनके परिजनों के लिए उपलब्ध योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बंदियों, उनके परिवारों तथा अपराध से पीड़ित लोगों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए नालसा की स्प्रुहा योजना संचालित है। इसके अलावा महिलाओं को कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने से संबंधित पॉस अधिनियम की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में तृतीय लिंग के व्यक्तियों के लिए संचालित सितारा योजना तथा वीर परिवारों से संबंधित वीर परिवार योजना के बारे में भी उपस्थित लोगों को बताया गया।
मोहम्मद हैदर अली ने कहा कि न्यायालयों में लंबित मामलों के अतिरिक्त ऐसे विवादों को भी आपसी सहमति और संवाद के माध्यम से समाप्त किया जा सकता है, जिनका समाधान सौहार्दपूर्ण तरीके से संभव हो। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 3.0 चलाया गया है। इसके माध्यम से विशेष रूप से पारिवारिक विवादों को पक्षकारों की आपसी सहमति और मेल-मिलाप के आधार पर सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान पारा विधिक स्वयंसेवक टुनटुन दास ने आगामी लोक अदालतों के संबंध में भी लोगों को महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 12 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न प्रकार के मामलों का आपसी सहमति के आधार पर निपटारा कराया जा सकता है। इसके साथ ही 21 नवंबर को चेक बाउंस से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए विशेष लोक अदालत आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम में लोगों से अपील की गई कि वे अपने कानूनी अधिकारों और उपलब्ध विधिक सहायता की सुविधाओं के प्रति जागरूक रहें तथा आवश्यकता पड़ने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सहायता प्राप्त करें। कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही रहा कि न्याय तक पहुंच प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार है और जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क कानूनी सहायता की व्यवस्था उपलब्ध है।