सहरसा (बिहार विमर्श डेस्क): बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग (उर्दू निदेशालय) के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन सहरसा द्वारा उर्दू भाषी छात्र-छात्रा प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के अंतर्गत एक भव्य भाषण प्रतियोगिता का आयोजन 30 अप्रैल, 2026 को किया गया। स्थानीय प्रेक्षागृह में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य उर्दू भाषा के प्रति युवाओं की रुचि बढ़ाना और उनकी प्रतिभा को सम्मानित करना था।
दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का भव्य उद्घाटन
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन प्रभारी जिला पदाधिकारी -सह- उप विकास आयुक्त (DDC) श्री गौरव कुमार, सहायक समाहर्ता श्री केतन शुक्ला, जिला उर्दू भाषा कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी श्री मुराद अली, पूर्व विधायक श्री जफर आलम और अन्य गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके पश्चात जामिया दारे खदीजा लिलबनात की छात्राओं ने राष्ट्रगान की गौरवमयी प्रस्तुति दी।
“जिला उर्दू नामा, सहरसा” का विमोचन
सहरसा जिले में उर्दू भाषा की गतिविधियों और जानकारी को संकलित करने वाले महत्वपूर्ण प्रकाशन “जिला उर्दू नामा, सहरसा” का इस अवसर पर अतिथियों द्वारा विधिवत विमोचन किया गया।
उर्दू की महत्ता पर वक्ताओं के विचार
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श्री गौरव कुमार (DDC): अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि उर्दू केवल एक भाषा नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने वाली सामाजिक-सांस्कृतिक और भाईचारे की मिसाल है। उन्होंने छात्रों से कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने से व्यक्तित्व का विकास होता है।
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श्री केतन शुक्ला (सहायक समाहर्ता): उन्होंने प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा कि अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए ऐसे कार्यक्रमों में निरंतर भाग लें और दूसरों को भी प्रेरित करें।
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श्री जफर आलम (पूर्व विधायक): उन्होंने उर्दू के गौरवशाली इतिहास की चर्चा करते हुए याद दिलाया कि 1981 में इसे दूसरी राजकीय भाषा का दर्जा मिला। उन्होंने उर्दू के विकास में सरकार की भूमिका की भी सराहना की।
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प्रोफेसर मोहम्मद ताहिर: उन्होंने उर्दू की उपयोगिता पर बल देते हुए विद्यालयों में उर्दू प्रश्नपत्रों की उपलब्धता जैसे गंभीर विषयों पर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया।
प्रतियोगिता के परिणाम: इन मेधावियों ने मारी बाजी
भाषण प्रतियोगिता में विभिन्न वर्गों के छात्र-छात्राओं ने अपनी वाकपटुता का परिचय दिया, जिसमें निम्नलिखित विजेता रहे:
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मैट्रिक/फौकानिया वर्ग: आयशा खातून (उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, मुबारकपुर, सलखुआ) – प्रथम स्थान।
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इंटर/मौलवी वर्ग: मोहम्मद अहसन (मदरसा फज़ले रहमानी भेलाही, महिषी) – प्रथम स्थान।
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बी.ए./आलिम वर्ग: सादिया शाहीन (मदरसा फैज़ुल उलूम, सहरसा बस्ती) – प्रथम स्थान।
मोबाइल से दूर रहकर पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह
जिला उर्दू भाषा कोषांग के प्रभारी श्री मुराद अली ने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए उन्हें मोबाइल का सीमित उपयोग करने और पढ़ाई पर केंद्रित रहने की महत्वपूर्ण सलाह दी।
कार्यक्रम का सफल संचालन मोहम्मद आफताब आलम (उर्दू अनुवादक) ने किया। इस आयोजन की सफलता में मोहम्मद तजम्मुल हक, सभी सहायक अनुवादकों और जिला प्रशासन के कर्मियों का विशेष योगदान रहा।
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