Headlines

‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व–1000 वर्ष की अद्भुत आस्था’ के उपलक्ष्य में 1100 श्रद्धालुओं के लिए ‘सोमनाथ यात्रा’ का आयोजन

* संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत बिहार सरकार की विशेष पहल
* माननीय मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा— यह यात्रा देश की सांस्कृतिक विरासत के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
* यात्रा, आवास, भोजन एवं अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं बिहार सरकार द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी

पटना। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व–1000 वर्ष की अद्भुत आस्था” के उपलक्ष्य में बिहार सरकार द्वारा लगभग 1100 श्रद्धालुओं के लिए 20 जुलाई 2026 को दो दिवसीय “सोमनाथ यात्रा” का आयोजन किया जाएगा। इस यात्रा का संचालन कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार द्वारा किया जाएगा तथा यात्रा, आवास, भोजन, स्थानीय परिवहन एवं अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं राज्य सरकार द्वारा सुनिश्चित की जाएंगी।

यात्रा का शुभारंभ 20 जुलाई 2026 को पटना जंक्शन से विशेष रेलगाड़ी द्वारा होगा। श्रद्धालु सोमनाथ धाम के दर्शन एवं भ्रमण के उपरांत 26 जुलाई 2026 को वापस पटना लौटेंगे। यात्रा के सफल संचालन हेतु भारतीय रेल खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) के सहयोग से वातानुकूलित रेल यात्रा, आवास, भोजन, स्थानीय परिवहन, श्रद्धालुओं के लिए विशेष किट, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा, स्वयंसेवक, स्वागत एवं विदाई कार्यक्रम, प्रचार-प्रसार सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी।

यह आयोजन सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने तथा उसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा है, जिसके माध्यम से देशभर में भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के प्रति जनभागीदारी और जागरूकता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

इस अवसर पर माननीय मंत्री, कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि “सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की आस्था, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान का जीवंत प्रतीक है। यह यात्रा देश की सांस्कृतिक विरासत के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है। बिहार सरकार श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।”

उन्होंने कहा कि कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा इस यात्रा की प्रत्येक व्यवस्था को श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि यह यात्रा राज्य की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करने का माध्यम बन सके।

राज्य सरकार द्वारा इस आयोजन के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है तथा यात्रा से संबंधित सभी तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। विभाग विभिन्न संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन की दिशा में आवश्यक पहल कर रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *