बिहार के पूर्णिया जिले के रूपौली प्रखंड में सितंबर 2026 के दौरान कुदरत ने एक बार फिर अपनी विकराल रूप दिखाया। गंगा नदी के जलस्तर में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी और उसके तुरंत बाद कोसी नदी के उफान पर आने से रूपौली प्रखंड की कुल 11 ग्राम पंचायतें भयंकर बाढ़ की चपेट में आ गईं। इस प्राकृतिक आपदा के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया और खाने-पीने के सामान, रहने के ठिकाने तथा साफ-सफाई की बुनियादी चीजों की भारी किल्लत पैदा हो गई। खासकर गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, दिव्यांगजनों और अन्य जरूरतमंद परिवारों के लिए यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।
ऐसे कठिन हालातों में संकट की घड़ी में मददगार बनकर सामने आई यूनिसेफ (UNICEF) की साझीदार संस्था घघरडीहा प्रखण्ड स्वराज्य विकास संघ (GPSVS)। संस्था ने अमेज़न (Amazon) और डोनेटकार्ट (DonateKart) के साथ मिलकर बाढ़ से प्रभावित परिवारों तक राहत पहुँचाने का बीड़ा उठाया।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री का वितरण
इस राहत और बचाव अभियान के तहत रूपौली के सबसे ज्यादा मार झेल रहे इलाकों के जरूरतमंद परिवारों के बीच कुल 250 सूखा राशन किट और 800 शेल्टर-सह-हाइजीन किट वितरित किए गए:
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भुआ प्रबल पंचायत: जंगल टोला, वार्ड संख्या 2 और 3
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कोइली सिमरा पश्चिम पंचायत: वार्ड संख्या 15 और 16
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कोइली सिमरा पूर्व पंचायत: कौशकीपुर
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काप पंचायत: बाढ़ से प्रभावित अन्य तमाम इलाके
जरूरतों के इस समय पर जब राहत सामग्री लोगों तक पहुँची, तो उनके चेहरों पर सुकून साफ दिखाई दिया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, आम जनता और प्रशासनिक अधिकारियों ने GPSVS, अमेज़न और डोनेटकार्ट के इस त्वरित मानवीय प्रयास की भूरी-भूरी प्रशंसा की है।
जमीनी स्तर पर जुटी समर्पित टीम
इस संपूर्ण राहत वितरण कार्य को पूरी ईमानदारी और सुचारू रूप से संपन्न कराने में GPSVS की कर्मठ टीम ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। इस टीम में धीरज कुमार, प्रमोद कुमार करमाकर, विक्रम कुमार यादव, श्याम मंडल, सुरेंद्र यादव, भोला यादव, पंकज कुमार, रूपा देवी, राजीव पटेल और कपिलदेव चौधरी जैसे समर्पित सदस्य शामिल रहे।
यह सहयोगात्मक पहल इस बात की गवाही देती है कि आपातकाल और आपदा की हर घड़ी में समाज के कमजोर तबके की मदद के लिए GPSVS पूरी तरह प्रतिबद्ध है।