पटना (बिहार विमर्श): पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने आज बिहार के राज्यपाल से मुलाकात कर प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा, विशेष रूप से जमुई की हालिया घटना, तथा बिहार में बाढ़ से उत्पन्न गंभीर स्थिति पर चर्चा की। सांसद ने राज्यपाल को विभिन्न मामलों से जुड़े तथ्य और दस्तावेज सौंपते हुए निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
जमुई घटना और महिलाओं की सुरक्षा पर कड़ा रुख सांसद पप्पू यादव ने कहा कि जमुई की घटना को किसी एक जिले तक सीमित कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने राज्यपाल से स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल, अस्पताल और सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं व बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच, सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा तथा पुलिस की भूमिका की स्वतंत्र जांच की मांग की। साथ ही, अपराधियों की कोई जाति या राजनीतिक पहचान नहीं होती, यह कहते हुए उन्होंने राजनीतिक दलों से भी अपराधियों को संरक्षण न देने की अपील की।
राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
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कठोरतम दंड: प्रकरण के समस्त दोषियों (बालिग एवं नाबालिग) के विरुद्ध निष्पक्ष व समयबद्ध जांच कर फास्ट-ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कठोर सजा दिलाई जाए।
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गोपनीयता और सहायता: पीड़िता व उसके परिवार की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाए, उन्हें सुरक्षा, मनोवैज्ञानिक व आर्थिक सहायता दी जाए और पहचान उजागर करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
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बयान पर स्पष्टीकरण: संवेदनशील मामले पर मंत्री द्वारा दिए गए असंवेदनशील बयान पर स्पष्टीकरण या खेद प्रकट कराया जाए।
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कानून-व्यवस्था की समीक्षा: राज्य में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा की समीक्षा करते हुए समग्र कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए जाएं।
बाढ़ पीड़ितों के लिए ₹5,000 करोड़ के विशेष पैकेज की मांग राज्यपाल के समक्ष बिहार में बाढ़ की विभीषिका का मुद्दा उठाते हुए सांसद ने सीमांचल से लेकर बक्सर तक बाढ़ और जलजमाव से प्रभावित इलाकों के लिए ₹5,000 करोड़ के विशेष राहत पैकेज की माँग रखी। उन्होंने कहा कि इस राशि का उपयोग फसल, मकान और पशुधन की क्षतिपूर्ति के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को सहायता पहुँचाने में किया जाना चाहिए।
सांसद ने बताया कि राज्यपाल ने दोनों ही गंभीर मुद्दों (बालिकाओं की सुरक्षा और बाढ़ राहत) को पूरी गंभीरता से सुना है और इस संबंध में प्रधानमंत्री व केंद्र सरकार को अवगत कराने तथा मुख्यमंत्री को पत्र लिखने का आश्वासन दिया है। पप्पू यादव ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा और बाढ़ पीड़ितों की मदद किसी एक दल का नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज का मानवीय और संवैधानिक दायित्व है।