- श्री राकेश काटल, कंट्री डायरेक्टर, WHH
- श्री विजय कुमार राय, LEAD, WHH
- श्री रमेश चंद्र शर्मा, नेशनल कोऑर्डिनेटर, EKTA Parishad
- डॉ. स्वाति झा, डायरेक्टर, GRI
- सुश्री अदिति याज्ञिक, कोऑर्डिनेटर, SEWA BHARAT
- डॉ. एस.के. गंगवार, डायरेक्टर एवं हेड, KVK
- श्री गणेश कुमार झा, Deputy Labour Commissioner, Government of Labour Resources and Migrant’s Welfare Department
- श्री अविरल पांडे, प्रोफेसर, पटना विश्वविद्यालय
प्रवासी श्रमिकों के लिए सुरक्षित पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण पर राष्ट्रीय परामर्श आयोजित
नई दिल्ली, 24 अगस्त 2026: घोघरडीहा प्रखंड स्वराज्य विकास संघ (GPSVS), जगतपुर, मधुबनी एवं LEADS, राँची, झारखंड के संयुक्त प्रयास से WHH-EU समर्थित परियोजना “भारत में कोविड 19 के सामाजिक आर्थिक प्रभाव के आलोक में नागरिक सामाजिक संगठनों का क्षमतावर्द्धन” के अंतर्गत “प्रवासी श्रमिकों के लिए सुरक्षित पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण” विषय पर राष्ट्रीय परामर्श का आयोजन 24 अगस्त 2026 को विश्व युवा केंद्र, नई दिल्ली में किया।
राष्ट्रीय परामर्श में नागरिक समाज संगठनों, सरकारी विभागों, विकास संस्थानों एवं शैक्षणिक जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और प्रवासी श्रमिकों के समक्ष मौजूद चुनौतियों तथा उनके लिए सुरक्षित, समावेशी और टिकाऊ प्रवासी पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के उपायों पर व्यापक विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ WHH की प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर सुश्री अपर्णा लाल, GPSVS के CEO एवं प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री रमेश कुमार, LEADS के डायरेक्टर श्री ए.के. सिंह द्वारा अतिथियों एवं प्रतिभागियों के स्वागत के साथ हुआ। वक्ताओं ने प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा, सरकारी योजनाओं एवं आजीविका के अवसरों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
राष्ट्रीय परामर्श का प्रमुख सत्र “What Would a Safe Ecosystem Look Like? Investing in What Works?” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा रहा। चर्चा में प्रवासी श्रमिकों के लिए सुरक्षित पारिस्थितिकी तंत्र के आवश्यक घटकों तथा उन प्रभावी पहलों की पहचान पर विचार किया गया, जिनमें निवेश कर जमीनी स्तर पर सार्थक एवं टिकाऊ परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों एवं प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे: