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बिहार की कला, संस्कृति एवं विरासत के संरक्षण-संवर्धन के लिए तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति

* पुरातत्व निदेशालय में 12 तकनीकी पदों पर संविदा के आधार पर होगा नियोजन * ज्ञान भारतम् मिशन के तहत पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण एवं मेटाडेटा निर्माण के लिए ₹6.23 करोड़ से अधिक की योजना स्वीकृत * ‘हर घर तिरंगा अभियान 2026’ के सफल आयोजन के लिए ₹6.12 करोड़ के व्यय को स्वीकृति * पुरातात्विक स्थलों…

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मिथिला चित्रकला को विश्व पटल पर अमर करने वाली कालजयी चितेरी: पद्मश्री महासुंदरी देवी

संपादकीय आलेख | बिहार विमर्श बिहार की लोक-संस्कृति और कला की जब भी बात होगी, मिथिला चित्रकला (मधुबनी पेंटिंग) का नाम सबसे ऊपर आएगा। इस पारंपरिक लोक कला को झोपड़ियों और कोहबर की दीवारों से निकालकर वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने का श्रेय जिन विदुषी महिलाओं को जाता है, उनमें पद्मश्री महासुंदरी देवी का नाम…

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पटना का ऐतिहासिक ‘सुल्तान पैलेस’ अब बीते दिनों की बात हो जाएगा

पटना (बिहार विमर्श)। राजधानी पटना के आर-ब्लॉक (R-Block) के पास स्थित स्थापत्य कला का बेमिसाल नमूना और बिहार के ऐतिहासिक गौरव का गवाह ‘सुल्तान पैलेस’ अब इतिहास के पन्नों में सिमटने की कगार पर है। राज्य सरकार द्वारा पटना में पर्यटन को बढ़ावा देने और तीन पांच सितारा (Five Star) होटल बनाने की योजना के…

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‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व–1000 वर्ष की अद्भुत आस्था’ के उपलक्ष्य में 1100 श्रद्धालुओं के लिए ‘सोमनाथ यात्रा’ का आयोजन

* संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत बिहार सरकार की विशेष पहल * माननीय मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा— यह यात्रा देश की सांस्कृतिक विरासत के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है। * यात्रा, आवास, भोजन एवं अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं…

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कैसे मिला था कौटिल्य का अर्थशास्त्र?

कलम रंगदार की फेसबुक पोस्ट क्या आपने कभी सोचा है कि अगर मैसूर के एक सरकारी दफ्तर की धूल खाती आलमारी से ताड़ के पत्तों का एक बंडल न मिला होता, तो क्या हमें कभी पता चलता कि भारत के पास ढाई हजार साल पहले ही राजनीति, कूटनीति और अर्थशास्त्र का दुनिया का सबसे महान…

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जारी है पाण्डुलिपि सर्वेक्षण: सहरसा

संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के ज्ञान भारतम मिशन परियोजना के तहत अखिल भारतीय स्तर पर पांडुलिपियों के सर्वेक्षण के क्रम में जिला मुख्यालय सटे कहरा ग्राम से अभय कांत ठाकुर के आवास से अति प्राचीन और बहुमूल्य पांडुलिपि प्रचुर मात्रा में प्राप्त हुई है। जिलाधिकारी, सहरसा श्री दीपेश कुमार के विशेष और सफल निर्देशन में…

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मिथिला चित्रकला: इतिहास और तकनीक

माधुबनी कला, जिसे मिथिला चित्रकला के नाम से भी जाना जाता है, भारत की सबसे जीवंत और विशिष्ट लोक कलाओं में से एक है। यह मुख्य रूप से बिहार के मधुबनी जिले और नेपाल के मिथिला क्षेत्र से उत्पन्न हुई है। यह कला लगभग पूरी तरह से महिलाओं द्वारा बनाई जाती है।इसकी पहचान बोल्ड रेखाओं,…

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बेगूसराय: बिहार की औद्योगिक राजधानी और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र

बिहार विमर्श डेस्क: बिहार के मध्य में स्थित बेगूसराय जिला, जिसे ‘बिहार का लेनिनग्राद’ और ‘औद्योगिक राजधानी’ के रूप में जाना जाता है, अपनी एक विशिष्ट पहचान रखता है। गंगा के तट पर बसा यह जिला न केवल आर्थिक रूप से सुदृढ़ है, बल्कि साहित्य और राष्ट्रवाद की खुशबू से भी महकता है। ऐतिहासिक और…

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रेशम नगरी भागलपुर: गौरवशाली इतिहास और आधुनिक संभावनाओं का संगम

बिहार विमर्श डेस्क: आज का दिन बिहार के मानचित्र पर एक विशेष चमक रखने वाले जिले ‘भागलपुर’ के लिए उत्सव का है। अपनी ऐतिहासिक समृद्धता, सांस्कृतिक विरासत और अद्वितीय शिल्पकला के लिए विख्यात भागलपुर जिला आज अपना स्थापना दिवस मना रहा है। बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस…

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मिथिला की ‘पंजी’ व्यवस्था: एक अद्वितीय और वैज्ञानिक सांस्कृतिक धरोहर

मिथिला (बिहार विमर्श डेस्क): मिथिला की पंजी व्यवस्था केवल एक वंशावली विवरण नहीं है, बल्कि यह मैथिल समाज की वैज्ञानिक और व्यवस्थित सामाजिक संरचना का एक जीवंत प्रतीक है। लगभग 700 वर्षों से अधिक समय से चली आ रही यह व्यवस्था दुनिया की सबसे बड़ी और प्राचीनतम लिखित वंशावली प्रणालियों में से एक मानी जाती…

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