दरभंगा, 31 जुलाई 2026: घोघरडीहा प्रखंड स्वराज्य विकास संघ (GPSVS) द्वारा WHH-EU समर्थित परियोजना “Enhancing CSOs Capacities in Response to Socio-Economic Impact of COVID-19 in India” के अंतर्गत *सुरक्षित रोजगार/प्रवासन* विषय पर *जिला स्तरीय सीएसओ/सीबीओ परामर्श कार्यशाला* तथा *”सुरक्षित रोजगार मार्गदर्शिका”* पर परामर्श कार्यक्रम का आयोजन *31 जुलाई 2026* को *होटल गार्सिया इंटरनेशनल, दरभंगा* में किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिक समाज संगठनों (CSOs), सामुदायिक आधारित संगठनों (CBOs), सरकारी विभागों तथा अन्य हितधारकों के बीच सुरक्षित, सम्मानजनक एवं अधिकार-आधारित प्रवासन को बढ़ावा देने हेतु समन्वय को मजबूत करना था। साथ ही प्रवासी श्रमिकों के लिए तैयार की जा रही *”सुरक्षित रोजगार मार्गदर्शिका”* को अधिक व्यवहारिक, उपयोगी एवं प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न हितधारकों से सुझाव प्राप्त किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर *श्री राकेश रंजन, उप श्रमायुक्त, दरभंगा; सुश्री साधना भारती, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, दरभंगा; श्री रमेश कुमार, मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी एवं परियोजना निदेशक, जीपीएसवीएस; सुश्री अज्जमतुन निशा, कार्यक्रम समन्वयक, वन स्टॉप सेंटर, दरभंगा; श्रीमती आराधना कुमारी, केएसए; श्रीमती इंदिरा कुमारी, सचिव, एमजेएस, दरभंगा; श्री मो. सादुल्लाह, मुख्य संरक्षक, आरडीटी; तथा श्री सूरज कुमार, रिलायंस फाउंडेशन* सहित विभिन्न सीएसओ, सीबीओ, सामुदायिक प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि सुरक्षित प्रवासन केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि श्रमिकों के अधिकारों, सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण तथा सम्मानजनक जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने प्रवासी श्रमिकों के पंजीकरण, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक पहुंच, कानूनी सहायता, कौशल विकास, पूर्व-प्रस्थान परामर्श तथा सरकारी विभागों एवं नागरिक समाज संगठनों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यशाला के दौरान बिहार में प्रवासन की वर्तमान स्थिति, प्रवासी श्रमिकों के समक्ष आने वाली चुनौतियों तथा उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने स्रोत क्षेत्र से लेकर गंतव्य स्थल तथा वापसी तक प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनेक व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए। साथ ही *”सुरक्षित रोजगार मार्गदर्शिका”* को अधिक सरल, उपयोगी एवं समुदाय-केंद्रित बनाने के लिए अपने अनुभव और सुझाव साझा किए।
इस अवसर पर *श्री रमेश कुमार, मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी एवं परियोजना निदेशक, जीपीएसवीएस* ने कहा कि संस्था सुरक्षित प्रवासन को बढ़ावा देने, प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने तथा समुदाय आधारित संस्थाओं की क्षमता वृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार, नागरिक समाज संगठनों एवं समुदायों के संयुक्त प्रयासों से ही सुरक्षित, सम्मानजनक एवं अधिकार-आधारित प्रवासन सुनिश्चित किया जा सकता है।
कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण सुझावों के संकलन तथा सभी अतिथियों, सरकारी अधिकारियों, सहयोगी संस्थाओं, सीएसओ, सीबीओ एवं प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।