पटना, 13 अगस्त 2026: महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार द्वारा 12–13 अगस्त 2026 को राज्य के सभी जिलों की स्थानीय समिति के सदस्यों एवं निगम कार्यालय के जिला परियोजना प्रबंधकों के लिए कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 (POSH Act, 2013) विषय पर दो दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्थानीय समितियों को केवल गठित करने तक सीमित न रखते हुए उन्हें सक्षम, संवेदनशील एवं प्रभावी बनाना था, ताकि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों का समयबद्ध, गोपनीय एवं निष्पक्ष तरीके से निवारण सुनिश्चित किया जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि महिलाओं, विशेषकर अनौपचारिक क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं, तक POSH Act से संबंधित जागरूकता, सहायता एवं न्याय की पहुँच को व्यापक बनाया जाए। साथ ही, शिकायतों के समुचित दस्तावेजीकरण, अभिलेखों के रख-रखाव एवं डेटा के उपयोग के माध्यम से व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं निरंतर सुधार को मजबूत करने पर भी चर्चा की गई।
प्रशिक्षण में स्थानीय समितियों की भूमिका, शिकायतों के निवारण की प्रक्रिया, गोपनीयता बनाए रखने की आवश्यकता, निष्पक्ष कार्यवाही तथा पीड़ित महिला के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया गया।
इस अवसर पर मुख्य संदेश के रूप में कहा गया:
“POSH Act की सफलता इस पर निर्भर है कि हर महिला बिना भय के शिकायत दर्ज कर सके और उसे समय पर न्याय मिले। मजबूत समिति वह है जिसमें महिलाएँ आत्मविश्वास से अपनी बात रख सकें।”
इस दो दिवसीय प्रशिक्षण के माध्यम से महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार ने पुनः अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि राज्य में हर कार्यस्थल सुरक्षित, सम्मानजनक, संवेदनशील एवं न्यायसंगत बने तथा महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
प्रशिक्षण में बिहार राज्य के सभी जिलों से स्थानीय समिति के सदस्यों तथा निगम कार्यालय से जिला परियोजना प्रबंधकों ने भाग लिया।