Headlines

कृष्ण: राममनोहर लोहिया

कृष्‍ण की सभी चीजें दो हैं : दो मां, दो बाप, दो नगर, दो प्रेमिकाएं या यों कहिए अनेक। जो चीज संसारी अर्थ में बाद की या स्‍वीकृत या सामाजिक है, वह असली से भी श्रेष्‍ठ और अधिक प्रिय हो गई है। यों कृष्‍ण देवकीनंदन भी हैं, लेकिन यशोदानंदन अधिक। ऐसे लोग मिल सकते हैं…

Read Full News

धूल भरी किताबों से परे – ए.के. रामानुजन की “फोकटेल्स फ्रॉम इंडिया”

क्या आपको याद है जब बचपन में नानी या दादी कहानी सुनाती थीं? वे कहानियाँ किसी स्कूल की किताब में नहीं थीं, लेकिन उनमें एक जादू था। वे कहानियाँ हमें हंसाती थीं, डराती थीं, और कल्पनाओं के एक ऐसे लोक में ले जाती थीं जहाँ सब कुछ संभव था। आज के डिजिटल युग में हम…

Read Full News