आपका क्या दाँव पर लगा है?

आजकल सोशल मीडिया पर हर कोई हर मुद्दे पर विशेषज्ञ बन रहा है। लेकिन नसीम निकोलस तालेब की मशहूर किताब ‘स्किन इन द गेम’ (Skin in the Game) हमें एक बहुत कड़वा और ज़रूरी सबक सिखाती है—अगर किसी मुद्दे पर बोलते वक्त आपका खुद का कुछ दाँव पर नहीं लगा है, तो आपकी राय ‘अप्रासंगिक’…

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धूल भरी किताबों से परे – ए.के. रामानुजन की “फोकटेल्स फ्रॉम इंडिया”

क्या आपको याद है जब बचपन में नानी या दादी कहानी सुनाती थीं? वे कहानियाँ किसी स्कूल की किताब में नहीं थीं, लेकिन उनमें एक जादू था। वे कहानियाँ हमें हंसाती थीं, डराती थीं, और कल्पनाओं के एक ऐसे लोक में ले जाती थीं जहाँ सब कुछ संभव था। आज के डिजिटल युग में हम…

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