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सुरक्षित पेयपानी हर भारतीय का एक मौलिक अधिकार: आईपी गुप्ता

सुरक्षित पेयजल न केवल मानव स्वास्थ्य और कल्याण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, बल्कि इस तक पहुँच संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार के अंतर्गत संरक्षित एक मौलिक अधिकार भी है।भारत में विश्व की कुल आबादी का लगभग 18% हिस्सा है, लेकिन जल संसाधनों का केवल 4% ही उपलब्ध है।¹ इससे हम…

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बिहार का विकास पथ: ऐतिहासिक पतन शेष चुनौतियाँ और ‘विकसित बिहार @2047 का खाका

इंडिया पॉलिसी फोरम (IPF 2026) के शोध पत्र के संदर्भ में बिहार विमर्श का विस्तृत विश्लेषण मूल शोध पत्र: Macro Perspective of Bihar’s Development: Achievements, Unfinished Agenda, and the Way Forward  लेखक: रत्ना सहाय (NCAER), संतोष गौतम (University of Notre Dame, IZA@LISER), निशीथ प्रकाश (Northeastern University, BREAD, IZA@LISER, CESifo, CReAM), और आकाश देव (NCAER) प्रकाशन/संगोष्ठी:…

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स्क्रीनशॉट में पैरा सोशल री-एंकरिंग कैसे दिखेगी?

गंभीर मुद्दों पर सोशल मीडिया में चर्चा करने के बदले लोग एंटरटेनमेंट पर ध्यान देते होंगे, इसलिए ऐसा होता होगा, ऐसा हमें भी कई वर्ष पहले लगता था। बाद में समझ में आया कि सोशल मीडिया का एल्गोरिदम डिज़ाइन ही इसी बात को ध्यान में रखकर किया जाता है। इसमें जब आप “अरब स्प्रिंग” जैसी…

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स्वर्णिम अतीत, संघर्ष और बिखरते सपनों का इतिहास: कटिहार जूट मिल

विशेष लेख | बिहार विमर्श कटिहार। कटिहार को कभी “बिहार की जूट राजधानी” के नाम से जाना जाता था। इसका मुख्य कारण था यहाँ स्थित दो विशाल जूट मिलें—कटिहार जूट मिल्स लिमिटेड (पुरानी जूट मिल) तथा राय बहादुर हरदुतराय मोतीलाल चमरिया (RBHM) जूट मिल, जिसे आम लोग ‘नई जूट मिल’ के नाम से जानते थे।…

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𑒧𑒱𑒟𑒱𑒪𑒰 𑒔𑒱𑒞𑓂𑒩𑒏𑒪𑒰 𑒏𑓄 𑒫𑒻𑒬𑓂𑒫𑒱𑒏 𑒣𑒯𑒔𑒰𑒢 𑒠𑒹𑒢𑒱𑒯𑒰𑒩𑒱 𑒏𑒰𑒪𑒖𑒨𑒲 𑒏𑒪𑒰𑒏𑒰𑒩: 𑒣𑒠𑓂𑒧𑒬𑓂𑒩𑒲 𑒧𑒯𑒰𑒮𑒳𑓀𑒠𑒩𑒲 𑒠𑒹𑒫𑒲

𑒫𑒱𑒬𑒹𑒭 𑒂𑒪𑒹𑒐 | 𑒥𑒱𑒯𑒰𑒩 𑒫𑒱𑒧𑒩𑓂𑒬 𑒧𑒱𑒟𑒱𑒪𑒰𑒏 𑒣𑒰𑒫𑒢𑒱-𑒞𑒱𑒯𑒰𑒩, 𑒏𑒼𑒯𑒥𑒩 𑒂 𑒒𑒩𑒏 𑒦𑒲𑒞𑒱 (𑒠𑒲𑒫𑒰𑒪) 𑒮𑒿 𑒢𑒱𑒏𑒪𑒱 𑒏𑓄 𑒧𑒡𑒳𑒥𑒢𑒲 𑒣𑒹𑓀𑒙𑒱𑓀𑒑 𑒖𑒹 𑒂𑒃 𑒫𑒱𑒬𑓂𑒫 𑒧𑓀𑒔 𑒣𑒩 𑒁𑒣𑒢 𑒛𑓀𑒏𑒰 𑒥𑒖𑒰 𑒩𑒯𑒪 𑒁𑒕𑒱, 𑒞𑒰𑒯𑒱 𑒧𑒹 𑒣𑒠𑓂𑒧𑒬𑓂𑒩𑒲 𑒧𑒯𑒰𑒮𑒳𑓀𑒠𑒩𑒲 𑒠𑒹𑒫𑒲 𑒏𑓄 𑒨𑒼𑒑𑒠𑒰𑒢 𑒁𑒞𑒳𑒪𑒢𑒲𑒨 𑒂 𑒌𑒞𑒱𑒯𑒰𑒮𑒱𑒏 𑒁𑒕𑒱। 𑒍 𑒁𑒣𑒢 𑒁𑒠𑓂𑒦𑒳𑒞 𑒮𑒰𑒡𑒢𑒰 𑒂 𑒮𑓀𑒒𑒩𑓂𑒭𑒏 𑒥𑒠𑒾𑒪𑒞 𑒧𑒱𑒟𑒱𑒪𑒰𑒏 𑒪𑒼𑒏 𑒏𑒪𑒰 𑒏𑒹𑒿 𑒏𑒹𑒫𑒪 𑒖𑒲𑒫𑒱𑒞 𑒢𑒯𑒱 𑒩𑒐𑒪𑒢𑒱, 𑒥𑒪𑓂𑒏𑒱 𑒁𑓀𑒞𑒩𑓂𑒩𑒰𑒭𑓂𑒙𑓂𑒩𑒲𑒨…

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मिथिला चित्रकला को विश्व पटल पर अमर करने वाली कालजयी चितेरी: पद्मश्री महासुंदरी देवी

संपादकीय आलेख | बिहार विमर्श बिहार की लोक-संस्कृति और कला की जब भी बात होगी, मिथिला चित्रकला (मधुबनी पेंटिंग) का नाम सबसे ऊपर आएगा। इस पारंपरिक लोक कला को झोपड़ियों और कोहबर की दीवारों से निकालकर वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने का श्रेय जिन विदुषी महिलाओं को जाता है, उनमें पद्मश्री महासुंदरी देवी का नाम…

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10 साल, 4 मंत्री और अंतहीन विवाद: शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट कार्ड!

शिक्षा मंत्रालय और शिक्षण के क्षेत्र में मौजूदा सरकार की असफलताओं की बात हो और स्मृति ईरानी का नाम याद न आए, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। उनकी दी गई डिग्रियों, जो चुनावी हलफनामों में दर्ज थीं, उनपर विवाद शुरू हुआ और फिर आगे पता चला कि सचमुच जो शैक्षणिक योग्यताएं बताई गई थीं,…

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मिथिला की परंपरा में पाग इतना महत्वपूर्ण क्यों?

राकेश कुमार झा की फेसबुक वाल से पाग मिथिला में क्यों इतना महत्वपूर्ण ? मिथिला में इसकी क्या परंपरा रही है ? लोग इसे अपने सर पर क्यों धारण करते हैं ? ये तमाम सवाल और पाग के डिजाईन व स्ट्रक्चर पर गार्जियन Raj Jha सर के साथ समय के आभाव में जो चर्चा संक्षिप्त…

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आरएसएस सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने दान पत्रों से राशी चोरी पर जताई चिंता

नई दिल्ली/अयोध्या, 3 जुलाई 2026 आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान पात्रों से राशि चोरी की घटना को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इसे हिंदू समाज की भावनाओं पर गंभीर आघात बताया और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं कड़ी जांच की मांग की। होसबाले ने…

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हाथियों की लड़ाई में घास कुचली जाती है!

प्राचीन काल की बात है, जब समाजवाद भारत के उस प्रान्त में चरम पर था जहाँ से कभी मगध साम्राज्य का शासन चलता था। उस दौर में देश के निशानों पर, चाहे अशोक स्तम्भ हो या ध्वज पर बना चिह्न, बिहार बाकी था, लेकिन, किन्तु, परन्तु, देश में बिहार के लोगों का योगदान फैक्ट्री में…

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