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कैसे मिला था कौटिल्य का अर्थशास्त्र?

कलम रंगदार की फेसबुक पोस्ट क्या आपने कभी सोचा है कि अगर मैसूर के एक सरकारी दफ्तर की धूल खाती आलमारी से ताड़ के पत्तों का एक बंडल न मिला होता, तो क्या हमें कभी पता चलता कि भारत के पास ढाई हजार साल पहले ही राजनीति, कूटनीति और अर्थशास्त्र का दुनिया का सबसे महान…

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क्या भारत का कुपोषण संकट ‘नीतिगत उपेक्षा’ का परिणाम है?

जब भी देश में कुपोषण के आंकड़े (NFHS-5) आते हैं, तो सरकारी विज्ञापनों और जागरूकता अभियानों की बाढ़ आ जाती है। लेकिन एक कड़वा सच जिसे हम अक्सर दबा देते हैं, वह यह है कि कुपोषण का बोझ केवल माँ के कंधों पर डालकर हम अपनी प्रशासनिक विफलताओं को छिपा रहे हैं। आंकड़ों और जमीनी…

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क्या महिलाओं की सुरक्षा सिर्फ कागजों तक सीमित है?

‘POSH कानून’ से क्यों कतराती हैं कंपनियाँ? कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए बना ‘पॉश एक्ट’ (Prevention of Sexual Harassment – POSH Act, 2013) भारत के कॉर्पोरेट इतिहास का एक मील का पत्थर है। लेकिन 11 साल बीत जाने के बाद भी एक कड़वा सवाल आज भी खड़ा है –…

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क्लाउड (Claude) को पेशेवर की तरह कैसे इस्तेमाल करें?

 7 दिनों का मास्टरप्लान टेक डेस्क आधुनिक वर्कफ्लो में दक्षता लाने के लिए केवल टूल्स का होना काफी नहीं, उन्हें ‘ऑप्टिमाइज़’ करना ज़रूरी है। यदि आप क्लाउड का उपयोग केवल चैट करने के लिए कर रहे हैं, तो आप इसकी क्षमता का केवल 10% उपयोग कर रहे हैं। इसे एक पेशेवर ‘को-वर्कर’ बनाने के लिए…

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PoSH एक्ट के क्रियान्वयन में ‘हिचकिचाहट’ और ‘दुरुपयोग’ का पूर्ण सच

कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाया गया PoSH एक्ट (2013) आज भी कई संगठनों के लिए एक दोधारी तलवार बना हुआ है। जहाँ एक तरफ यह महिलाओं को सशक्त बनाने का कानूनी हथियार है, वहीं दूसरी तरफ कई कंपनियां इसके ‘दुरुपयोग’ (Misuse) की आशंका के चलते इसे पूरी तरह अपनाने में कतराती हैं।…

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जब भारत ने अमेरिका से जीती ‘हल्दी की जंग’

विशेष रिपोर्ट साल 1995 में जब अमेरिका के पेटेंट कार्यालय (USPTO) ने मिसिसिपी विश्वविद्यालय के दो शोधकर्ताओं को ‘घाव भरने के लिए हल्दी के उपयोग’ का पेटेंट दे दिया, तो पूरी दुनिया हैरान थी। जिस हल्दी का उपयोग भारत में 5,000 वर्षों से हर घर की दादी-नानी घाव सुखाने के लिए कर रही थीं, उस…

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कृषि पर भीषण गर्मी का प्रहार

पर्यावरण डेस्क भीषण गर्मी केवल तापमान का बढ़ना नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी जटिल श्रृंखला है जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हमारी पूरी कृषि पारिस्थितिकी तंत्र (Agricultural Ecosystem) को अस्त-व्यस्त कर देती है। इन्फोग्राफिक के अनुसार, इसके प्रभाव को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है: प्रत्यक्ष प्रभाव: भूमि और…

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ChatGPT से बेहतर परिणाम पाने के 8 जादुई फ्रेमवर्क्स

टेक डेस्क: ChatGPT केवल एक चैटबॉट नहीं, बल्कि एक अत्यधिक बुद्धिमान सहायक है। इसे सही निर्देश देने के लिए इन 8 ढांचों (Frameworks) का उपयोग करें: 1. R-T-F (Role – Task – Format) यह सबसे बुनियादी और प्रभावी फ्रेमवर्क है। भूमिका (Role): AI को बताएं कि वह कौन है (जैसे: “एक अनुभवी न्यूज़ एडिटर की…

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सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर लगी रोक – बिहार

पटना | राज्य डेस्क बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक ऐतिहासिक संकल्प जारी किया है। ‘सात निश्चय-2’ के अंतर्गत घोषित कार्यक्रमों के तहत अब सरकारी डॉक्टरों के निजी क्लीनिक चलाने या निजी प्रैक्टिस करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।…

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आपका क्या दाँव पर लगा है?

आजकल सोशल मीडिया पर हर कोई हर मुद्दे पर विशेषज्ञ बन रहा है। लेकिन नसीम निकोलस तालेब की मशहूर किताब ‘स्किन इन द गेम’ (Skin in the Game) हमें एक बहुत कड़वा और ज़रूरी सबक सिखाती है—अगर किसी मुद्दे पर बोलते वक्त आपका खुद का कुछ दाँव पर नहीं लगा है, तो आपकी राय ‘अप्रासंगिक’…

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