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भोजपुरी सिनेमा का बदलता चेहरा: “बोध”

शाम के आठ बजे कहीं पहुँचने के लिए घर से निकल रहे हों, तो घर में माँ को तो बताकर जाना होता है। देर रात गए लौटना होता। अब सोचिए, #भोजपुरी फिल्म देखने जा रहे हैं, ये कहना कैसा लगता? होते-होते छवि कुछ ऐसी हो गई है कि भोजपुरी फिल्म है, ये जरा दबी आवाज…

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भविष्य के इम्तिहान में उलझे बिहार के लाखों युवा: BSSC परीक्षाओं की अनिश्चितता और व्यवस्था से सवाल

विशेष रिपोर्ट | बिहार विमर्श बिहार की प्रतियोगी परीक्षाओं का इतिहास अनिश्चितता, लंबे इंतजार और प्रशासनिक सुस्ती के साये में आगे बढ़ता रहा है। राज्य के लाखों युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का सपना किसी लंबी तपस्या से कम नहीं है। ताजा मामला बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) की परीक्षाओं से जुड़ा है, जहाँ द्वितीय…

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𑒧𑒱𑒟𑒱𑒪𑒰𑒏 𑒣𑓂𑒩𑒮𑒱𑒠𑓂𑒡 𑒬𑒏𑓂𑒞𑒱𑒣𑒲𑒚 𑒅𑒑𑓂𑒩𑒞𑒰𑒩𑒰: 𑒧𑒯𑒱𑒭𑒲𑒏 𑒣𑒰𑒫𑒢 𑒦𑒴𑒧𑒱 𑒂 𑒞𑓀𑒞𑓂𑒩 𑒮𑒰𑒡𑒢𑒰 𑒏𑒹𑒩 𑒌𑒞𑒱𑒯𑒰𑒮𑒱𑒏 𑒏𑒹𑓀𑒠𑓂𑒩

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अयोध्या की राष्ट्रीय प्रदर्शनी में मिथिला चित्रकला संस्थान के 8 छात्र-छात्राओं की कलाकृतियों का चयन बिहार के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि : डॉ. प्रमोद कुमार

मिथिला चित्रकला संस्थान, सौराठ के 8 छात्र-छात्राओं की पेंटिंग अयोध्या की राष्ट्रीय प्रदर्शनी के लिए चयनित पटना, 24 सितंबर। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं राष्ट्रीय अभिलेखागार, नई दिल्ली के तत्वावधान में आगामी 12 अक्टूबर 2026 को अयोध्या में आयोजित होने वाली भव्य प्रदर्शनी “राम और रामायण: देश से परदेश तक” के लिए बिहार के मिथिला…

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बाढ़ सरकार और तटबंध

फ्लड, यानी बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए ‘सरकार बहादुर’ ने तटबंध बनाने की सोची। नेताजी ने वादा किया कि तटबंध बनाने से पानी नदी के किनारे तोड़कर बाहर नहीं आएगा और बाढ़ रुक जाएगी। सुनने में यह बात किसी भी दूसरे ‘समाजवादी’ वादे जैसी ही बड़ी मीठी और बहुत सच्ची सी लगती है।…

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कृष्ण: राममनोहर लोहिया

कृष्‍ण की सभी चीजें दो हैं : दो मां, दो बाप, दो नगर, दो प्रेमिकाएं या यों कहिए अनेक। जो चीज संसारी अर्थ में बाद की या स्‍वीकृत या सामाजिक है, वह असली से भी श्रेष्‍ठ और अधिक प्रिय हो गई है। यों कृष्‍ण देवकीनंदन भी हैं, लेकिन यशोदानंदन अधिक। ऐसे लोग मिल सकते हैं…

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हिमालय के अस्थिर भूगोल से बढ़ता सैलाब का खतरा: नेपाल की आपदा और बिहार के लिए खतरे की घंटी

जल विशेषज्ञ दिनेश मिश्र के विश्लेषण के अनुसार, हिमालयी क्षेत्र की भौगोलिक अस्थिरता और जलवायु परिवर्तन का सीधा प्रभाव बिहार की नदियों और यहाँ के मैदानी इलाकों पर पड़ रहा है। नेपाल में हाल ही में आई तबाही से भारत, विशेषकर बिहार का अछूता रहना बेहद मुश्किल है। नेपाल से बहकर आने वाला जल गंडक…

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हरियाणा में बीजेपी का दलित समीकरण: दलित मतों का विभाजन और व्यापक हिंदू पहचान का निर्माण

हरियाणा की राजनीति में एक बड़ा सामाजिक-राजनीतिक बदलाव देखा जा रहा है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की इस विशेष रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) हरियाणा में एक नई राजनीतिक बिसात बिछा रही है, जिसका मूल आधार “दलित मतों का विभाजन करना और उन्हें एक व्यापक हिंदू पहचान से जोड़ना” है। कौशल और रणनीति के…

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कोई भी आपदा “प्राकृतिक” नहीं होती: आपदा प्रबंधन का एक नया और साहसिक परिप्रेक्ष्य

#NoNaturalDisasters जब भी कोई भयावह बाढ़ आती है, भूकंप से इमारतें गिरती हैं या वज्रपात से जानें जाती हैं, तो समाचार पत्रों से लेकर सरकारी बयानों तक में एक शब्द प्रमुखता से गूँजता है—“प्राकृतिक आपदा” (Natural Disaster)। यहाँ तक कि कई अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएँ भी इसी शब्दावली का प्रयोग करती हैं। लेकिन आपदा प्रबंधन के आधुनिक…

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