पटना: राजधानी पटना के प्रतिष्ठित पटना कॉलेज से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने शिक्षा जगत में छात्राओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक छात्रा जिसे यौन उत्पीड़न (sexual harassment) का सामना करना पड़ा, उसे न्याय मिलने के बजाय अब खुद कानूनी शिकंजे में फंसा दिया गया है।
पीड़िता का आरोप है कि कॉलेज परिसर में उसके साथ अनुचित व्यवहार हुआ, लेकिन जब उसने इसके खिलाफ आवाज उठाई और शिकायत दर्ज करने की कोशिश की, तो परिणाम उल्टा हुआ। पीड़ित छात्रा के अनुसार, आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय, प्रशासन और सिस्टम की मिलीभगत से उसी पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया है।
मूल वीडियो:
वीडियो में छात्रा को अपना चेहरा ढके हुए आपबीती सुनाते हुए देखा जा सकता है, जिसमें वह प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठा रही है। वह पूछती है कि क्या एक पीड़िता का अपनी सुरक्षा के लिए आवाज उठाना अपराध है? पटना कॉलेज जैसे प्रमुख संस्थान में इस तरह की घटना न केवल छात्रा के भविष्य के लिए चिंताजनक है, बल्कि यह उन अन्य छात्राओं के मनोबल को भी तोड़ती है जो किसी न किसी रूप में इस तरह के शोषण का शिकार हैं।
बिहार विमर्श की टीम इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। यह घटना यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर शैक्षणिक संस्थानों में छात्राओं के लिए सुरक्षित माहौल कब बनेगा? क्या ऐसे मामलों में दोषियों पर कार्रवाई के बजाय पीड़िता को ही निशाना बनाना न्याय है?
संबंधित अधिकारियों और कॉलेज प्रशासन को इस मामले पर संज्ञान लेना चाहिए और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि पीड़ित छात्रा को न्याय मिल सके।
(नोट: यह लेख सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर तैयार किया गया है।)