विशेष रिपोर्ट | बिहार विमर्श
सहरसा। सहरसा नगर निगम में स्ट्रीट लाइट, हाई मास्ट, सीसीटीवी, सम्प हाउस और एलईडी खरीद में हुई अनियमितताओं के मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। इस पूरे घोटाले में मेयर बैन प्रिया और डिप्टी मेयर उमर हयात उर्फ गुड्डू हयात समेत कुल 14 दिग्गजों पर कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है।
अदालत में 84 पन्नों की केस डायरी समर्पित
सदर थाना कांड संख्या 167/2026 की जांच कर रहे सब-इंस्पेक्टर रोशन कुमार ने अदालत में 84 पन्नों की केस डायरी समर्पित कर दी है। इस जांच रिपोर्ट के सामने आने के बाद नगर निगम के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
इन 14 दिग्गजों पर तय हुए आरोप
इस मामले में जिन 14 प्रमुख लोगों पर आरोप तय किए गए हैं, उनकी सूची इस प्रकार है:
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बैन प्रिया (महापौर / मेयर)
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उमर हयात उर्फ गुड्डू हयात (उप महापौर / डिप्टी मेयर)
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अनुभूति श्रीवास्तव (पूर्व नगर आयुक्त)
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प्रभात कुमार झा (वर्तमान नगर आयुक्त)
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देवेंद्र प्रसाद (स्वच्छता पदाधिकारी)
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नीरज कुमार (जेम बायर)
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राजीव झा (मेयर के निजी सचिव)
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नेहा झा
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डेजी झा
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रंजना देवी (सशक्त स्थायी समिति सदस्य)
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नीलू झा (सशक्त स्थायी समिति सदस्य)
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काजल देवी (सशक्त स्थायी समिति सदस्य)
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विनय कुमार (सशक्त स्थायी समिति सदस्य)
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कामना सिंह (सशक्त स्थायी समिति सदस्य)
घोटाले का तरीका और पुलिस जांच में हुए सनसनीखेज खुलासे
केस डायरी के पैरा 117 और 118 के अनुसार, इन सभी आरोपियों पर ‘नारी शक्ति इंफ्राटेक’ नामक एजेंसी को नियम-विरुद्ध तरीके से बकाया भुगतान जारी रखने के उद्देश्य से षड्यंत्र रचने का गंभीर आरोप है।
पुलिस जांच में दो सबसे बड़े खुलासे हुए हैं:
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बैक डेट में एंट्री: 17 जनवरी 2025 को हुई बैठक के प्रस्ताव पर बैक डेट डालते हुए 13 जनवरी 2025 दर्ज किया गया था।
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फाइलों में ओवरराइटिंग: प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने के बाद भी सरकारी फाइलों में ओवरराइटिंग करके तिथियों (dates) से हेरफेर और छेड़छाड़ की गई।
कुर्सी पर खतरा, जेल जाने की नौबत
मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी मुख्य आरोपियों पर जेल जाने का खतरा मंडरा रहा है। अदालत में केस डायरी जमा होने के बाद अब आगे की कानूनी प्रक्रिया तेजी से बढ़ रही है, जिससे मेयर और डिप्टी मेयर दोनों की कुर्सी पर भी संकट मंडरा रहा है।