कर्नाट राजवंश और सीतामढ़ी
सीतामढ़ी के फेसबुक पेज से वर्षों से नाण्यदेव की कहानियाँ सुनते सुनते आज जब कर्नाट वंश के प्रथम राजधानी नानपुर पहुँचा तो तालाब के किनारे मंदिर के अवशेष को देखते ही बहुत बड़े और संपन्न सभ्यता के होने का आभास हुआ । मैं हरिसिंहदेव , गंगदेव, मोती सिंह देव सबको महसूस कर पा रहा था…