Headlines

मिथिला की ‘पंजी’ व्यवस्था: एक अद्वितीय और वैज्ञानिक सांस्कृतिक धरोहर

मिथिला (बिहार विमर्श डेस्क): मिथिला की पंजी व्यवस्था केवल एक वंशावली विवरण नहीं है, बल्कि यह मैथिल समाज की वैज्ञानिक और व्यवस्थित सामाजिक संरचना का एक जीवंत प्रतीक है। लगभग 700 वर्षों से अधिक समय से चली आ रही यह व्यवस्था दुनिया की सबसे बड़ी और प्राचीनतम लिखित वंशावली प्रणालियों में से एक मानी जाती…

Read Full News

उर्दू के लिए जिला स्तरीय प्रोत्साहन प्रतियोगिता का भव्य आयोजन

सहरसा (बिहार विमर्श डेस्क): बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग (उर्दू निदेशालय) के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन सहरसा द्वारा उर्दू भाषी छात्र-छात्रा प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के अंतर्गत एक भव्य भाषण प्रतियोगिता का आयोजन 30 अप्रैल, 2026 को किया गया। स्थानीय प्रेक्षागृह में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य उर्दू भाषा के प्रति युवाओं की रुचि बढ़ाना और…

Read Full News

रिलीज होते ही लाखों व्यूज के साथ वायरल हुआ एसआरके म्यूजिक का नया गाना “प्यार क लेवे द”

भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री में इन दिनों एसआरके म्यूजिक का नया गाना “प्यार क लेवे द” तेजी से ट्रेंड कर रहा है। रिलीज होते ही इस गाने ने लाखों व्यूज बटोर लिए और सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त तरीके से वायरल हो गया। खास बात यह है कि इस गाने को अपनी मधुर और भावनात्मक आवाज…

Read Full News

कालिदास रंगालय में गूंजा शौर्य और स्वाभिमान का संदेश: मना वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव

वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव पर शैलेंद्र प्रताप ने तेजस्वी यादव को किया सम्मानित पटना. वीर कुंवर सिंह के 168वें विजयोत्सव के अवसर पर गुरुवार को कालिदास रंगालय स्थित अनुसुइया सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भितिहरवा आश्रम जीवन कौशल ट्रस्ट की ओर से किया गया, जिसमें बिहार आर्ट थिएटर के…

Read Full News

क्या भारत का कुपोषण संकट ‘नीतिगत उपेक्षा’ का परिणाम है?

जब भी देश में कुपोषण के आंकड़े (NFHS-5) आते हैं, तो सरकारी विज्ञापनों और जागरूकता अभियानों की बाढ़ आ जाती है। लेकिन एक कड़वा सच जिसे हम अक्सर दबा देते हैं, वह यह है कि कुपोषण का बोझ केवल माँ के कंधों पर डालकर हम अपनी प्रशासनिक विफलताओं को छिपा रहे हैं। आंकड़ों और जमीनी…

Read Full News

क्या महिलाओं की सुरक्षा सिर्फ कागजों तक सीमित है?

‘POSH कानून’ से क्यों कतराती हैं कंपनियाँ? कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए बना ‘पॉश एक्ट’ (Prevention of Sexual Harassment – POSH Act, 2013) भारत के कॉर्पोरेट इतिहास का एक मील का पत्थर है। लेकिन 11 साल बीत जाने के बाद भी एक कड़वा सवाल आज भी खड़ा है –…

Read Full News

क्लाउड (Claude) को पेशेवर की तरह कैसे इस्तेमाल करें?

 7 दिनों का मास्टरप्लान टेक डेस्क आधुनिक वर्कफ्लो में दक्षता लाने के लिए केवल टूल्स का होना काफी नहीं, उन्हें ‘ऑप्टिमाइज़’ करना ज़रूरी है। यदि आप क्लाउड का उपयोग केवल चैट करने के लिए कर रहे हैं, तो आप इसकी क्षमता का केवल 10% उपयोग कर रहे हैं। इसे एक पेशेवर ‘को-वर्कर’ बनाने के लिए…

Read Full News

PoSH एक्ट के क्रियान्वयन में ‘हिचकिचाहट’ और ‘दुरुपयोग’ का पूर्ण सच

कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाया गया PoSH एक्ट (2013) आज भी कई संगठनों के लिए एक दोधारी तलवार बना हुआ है। जहाँ एक तरफ यह महिलाओं को सशक्त बनाने का कानूनी हथियार है, वहीं दूसरी तरफ कई कंपनियां इसके ‘दुरुपयोग’ (Misuse) की आशंका के चलते इसे पूरी तरह अपनाने में कतराती हैं।…

Read Full News

जब भारत ने अमेरिका से जीती ‘हल्दी की जंग’

विशेष रिपोर्ट साल 1995 में जब अमेरिका के पेटेंट कार्यालय (USPTO) ने मिसिसिपी विश्वविद्यालय के दो शोधकर्ताओं को ‘घाव भरने के लिए हल्दी के उपयोग’ का पेटेंट दे दिया, तो पूरी दुनिया हैरान थी। जिस हल्दी का उपयोग भारत में 5,000 वर्षों से हर घर की दादी-नानी घाव सुखाने के लिए कर रही थीं, उस…

Read Full News

कृषि पर भीषण गर्मी का प्रहार

पर्यावरण डेस्क भीषण गर्मी केवल तापमान का बढ़ना नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी जटिल श्रृंखला है जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हमारी पूरी कृषि पारिस्थितिकी तंत्र (Agricultural Ecosystem) को अस्त-व्यस्त कर देती है। इन्फोग्राफिक के अनुसार, इसके प्रभाव को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है: प्रत्यक्ष प्रभाव: भूमि और…

Read Full News