पटना, 25 जुलाई 2026: घोघरडीहा प्रखंड स्वराज्य विकास संघ (GPSVS) द्वारा WHH-EU समर्थित परियोजना “भारत में कोविड-19 के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव के आलोक में नागरिक सामाजिक संगठनों का क्षमतावर्द्धन” के अंतर्गत “बिहार में प्रवासी श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा सुरक्षित रोजगार मार्गदर्शिका (Surakshit Rojgar Margdarshika) पर परामर्श” विषयक राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन होटल पनाश, पटना में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर सुश्री अपर्णा लाल, हेड ऑफ प्रोजेक्ट, WHH, नई दिल्ली; श्री गणेश कुमार झा, सहायक श्रम आयुक्त, श्रम संसाधन विभाग, पटना; श्री शशि शेखर, सहायक श्रम आयुक्त (प्रवासी), श्रम संसाधन विभाग, पटना; श्री रमेश कुमार, अध्यक्ष एवं परियोजना निदेशक, जीपीएसवीएस; डाॅक्टर अविरल पांडेय, सहायक प्राध्यापक, पटना विश्वविद्यालय; श्री तरुण कुमार रंजन, पीआर हेड, श्रम संसाधन विभाग, पटना; तथा सुश्री प्रियंका कुमारी, स्टेट कोऑर्डिनेटर, जनसाहस फाउंडेशन सहित विभिन्न सरकारी विभागों, नागरिक समाज संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, विकास साझेदारों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं समुदाय के सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बिहार के प्रवासी श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक उनकी पहुँच को सुदृढ़ करना तथा विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय को मजबूत बनाना था। प्रतिभागियों ने प्रवासी श्रमिकों के समक्ष सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की तथा इन योजनाओं के प्रति जागरूकता, पहुँच एवं प्रभावी लाभ सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए।
“सुरक्षित रोजगार मार्गदर्शिका” पर आयोजित परामर्श सत्र रहा। इस दौरान विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों ने मार्गदर्शिका की विस्तृत समीक्षा करते हुए इसे अधिक सरल, व्यवहारिक, उपयोगकर्ता-अनुकूल तथा प्रवासी श्रमिकों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। यह मार्गदर्शिका प्रवासी श्रमिकों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक प्रवास, कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं तथा आवश्यक संस्थागत सहायता संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विमर्श के दौरान श्रमिक पंजीकरण, बीमा योजनाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं, विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा लाभों की पोर्टेबिलिटी तथा प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया। प्रतिभागियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि प्रवासी श्रमिकों तक सामाजिक सुरक्षा का वास्तविक लाभ पहुँचाने के लिए सरकार, नागरिक समाज संगठनों, नियोक्ताओं एवं समुदाय के बीच मजबूत समन्वय अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी विशिष्ट अतिथियों ने जीपीएसवीएस की इस पहल की सराहना की तथा कहा कि सुरक्षित प्रवास केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रवासी श्रमिकों के सम्मान, अधिकारों, सुरक्षा एवं सामाजिक संरक्षण को सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने प्रवासी श्रमिकों के हित में सभी संबंधित पक्षों से संयुक्त एवं सतत प्रयास करने का आह्वान किया।
कार्यशाला का समापन इस सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि परामर्श के दौरान प्राप्त सुझावों को सुरक्षित रोजगार मार्गदर्शिका में समाहित किया जाएगा तथा इसे राज्यभर में व्यापक रूप से प्रसारित कर अधिक से अधिक प्रवासी श्रमिकों तक पहुँचाया जाएगा, ताकि वे सुरक्षित प्रवास कर सकें, अपने अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें तथा गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित कर सकें।