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जलवायु समर्थ स्वास्थ्य प्रणाली पर कार्यशाला में उठी आयुष को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की माँग

बिहार में लगातार बदल रहे जलवायु पैटर्न, भीषण बाढ़, जानलेवा लू (हीटवेव) और मौसमी बीमारियों के प्रकोप से ग्रामीण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस गंभीर चुनौती से मुकाबले के लिए अब सामुदायिक स्तर पर सुदृढ़ पहल तेज हो गई है। हाल ही में पटना स्थित ए. एन. सिन्हा सामाजिक अध्ययन संस्थान में…

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बिहार के पर्यावरण योद्धाओं को समर्पित अनूठी कृति: ‘बिहार के पर्यावरण स्तंभ’ का विधान परिषद में भव्य लोकार्पण

पटना। बिहार की समृद्ध प्राकृतिक विरासत को सहेजने और पर्यावरण संरक्षण में अपनी पूरी जिंदगी खपा देने वाले दिग्गजों के योगदान पर केंद्रित बहुप्रतीक्षित पुस्तक ‘बिहार के पर्यावरण स्तंभ’ का विधिवत विमोचन मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को बिहार विधान परिषद के सभागार में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक पहल के साथ ही बिहार…

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हिमालय के अस्थिर भूगोल से बढ़ता सैलाब का खतरा: नेपाल की आपदा और बिहार के लिए खतरे की घंटी

जल विशेषज्ञ दिनेश मिश्र के विश्लेषण के अनुसार, हिमालयी क्षेत्र की भौगोलिक अस्थिरता और जलवायु परिवर्तन का सीधा प्रभाव बिहार की नदियों और यहाँ के मैदानी इलाकों पर पड़ रहा है। नेपाल में हाल ही में आई तबाही से भारत, विशेषकर बिहार का अछूता रहना बेहद मुश्किल है। नेपाल से बहकर आने वाला जल गंडक…

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कोई भी आपदा “प्राकृतिक” नहीं होती: आपदा प्रबंधन का एक नया और साहसिक परिप्रेक्ष्य

#NoNaturalDisasters जब भी कोई भयावह बाढ़ आती है, भूकंप से इमारतें गिरती हैं या वज्रपात से जानें जाती हैं, तो समाचार पत्रों से लेकर सरकारी बयानों तक में एक शब्द प्रमुखता से गूँजता है—“प्राकृतिक आपदा” (Natural Disaster)। यहाँ तक कि कई अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएँ भी इसी शब्दावली का प्रयोग करती हैं। लेकिन आपदा प्रबंधन के आधुनिक…

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दरभंगा में अतिक्रमण पर चला हथौड़ा: ‘तालाब बचाओ अभियान’ के 14 वर्षों के अनवरत संघर्ष की हुई जीत

दरभंगा (बिहार विमर्श)। आखिरकार नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के कड़े रुख और स्पष्ट आदेश के बाद दरभंगा जिला प्रशासन को अपनी नींद से जागना ही पड़ा। दरभंगा की ऐतिहासिक पहचान कहे जाने वाले ‘गंगा सागर’ तालाब के पश्चिमी तट पर बने अवैध मकानों को ध्वस्त करने के लिए हथौड़े चलने शुरू हो गए हैं। जब…

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जीपीएसवीएस द्वारा “सुरक्षित रोजगार मार्गदर्शिका” पर विचार-विमर्श आयोजित

दरभंगा, 31 जुलाई 2026: घोघरडीहा प्रखंड स्वराज्य विकास संघ (GPSVS) द्वारा *WHH-EU समर्थित परियोजना “Enhancing CSOs Capacities in Response to Socio-Economic Impact of COVID-19 in India”* के अंतर्गत *सुरक्षित रोजगार/प्रवासन* विषय पर *जिला स्तरीय सीएसओ/सीबीओ परामर्श कार्यशाला* तथा *”सुरक्षित रोजगार मार्गदर्शिका”* पर परामर्श कार्यक्रम का आयोजन *31 जुलाई 2026* को *होटल गार्सिया इंटरनेशनल, दरभंगा* में…

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जिसे शहर ‘जादू’ कहता है: ग्रामीण पर्यटन का एक अनकहा सच

बिहार विमर्श विशेष: अक्सर जब हम पर्यटन की बात करते हैं, तो हमारे दिमाग में चमचमाती सड़कें, आलीशान होटल और सुव्यवस्थित गाइड आते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि असली भारत—जो गाँवों में बसता है—वहाँ पर्यटन का सबसे बड़ा अवरोधक क्या है? आप शायद कहेंगे पैसा, खराब सड़कें या संसाधनों की कमी। लेकिन…

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कृषि पर भीषण गर्मी का प्रहार

पर्यावरण डेस्क भीषण गर्मी केवल तापमान का बढ़ना नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी जटिल श्रृंखला है जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हमारी पूरी कृषि पारिस्थितिकी तंत्र (Agricultural Ecosystem) को अस्त-व्यस्त कर देती है। इन्फोग्राफिक के अनुसार, इसके प्रभाव को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है: प्रत्यक्ष प्रभाव: भूमि और…

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जब एक नदी ‘इंसान’ बन गई

ह्वान्गानुई नदी और कानूनी अधिकार का सफर कल्पना कीजिए कि एक नदी अदालत में अपना मुकदमा खुद लड़ सकती है, उसकी अपनी संपत्ति हो सकती है और उसे नुकसान पहुँचाने पर वही कानूनी कार्रवाई हो सकती है जो एक इंसान को चोट पहुँचाने पर होती है। 2017 में न्यूज़ीलैंड ने ‘ते अवा टुपुआ’ (Te Awa…

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