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हम एआई क्यों नहीं सीख पाते?

अगर जूते याद ही आने हैं तो प्रेमचंद के फटे जूते याद आते न? भला नवाब साहब के जूतों में ऐसा क्या साहित्यिक या दार्शनिक होगा जो हमें नवाब साहब के जूते याद आये? कोई भी सुनने वाला हमसे यही प्रश्न पूछेगा। असल में नवाब साहब के जूतों की कहानी असली है भी या किसी…

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