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स्वतंत्रता दिवस पर रिलीज हुआ निरहुआ और निर्माता प्रेम राय की फिल्म ‘पटना से पाकिस्तान 2’ का धांसू टीजर

भोजपुरी सिनेमा के जुबली स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ, चर्चित निर्माता प्रेम राय और निर्देशक अनंजय रघुराज की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘पटना से पाकिस्तान 2’ का टीजर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जारी कर दिया गया। टीजर में निरहुआ का अलग और दमदार अवतार देखने को मिल रहा है। फिल्म में देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम की भावना…

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रानी विक्टोरिया, बलिया और जुबिली संस्कृत कॉलेज

वर्ष 1887 में स्थापित ‘जुबिली संस्कृत कॉलेज’ बलिया के सबसे पुराने शिक्षण संस्थानों में से एक है। 1837 में महज़ अठारह बरस की उम्र में रानी बनने वाली विक्टोरिया के राज्यारोहण के जब पचास साल पूरे हुए तो ब्रिटिश साम्राज्य ने इसे स्वर्ण जयंती (‘गोल्डन जुबिली’) के रूप में मनाया था। उस अवसर पर भारत…

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जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन पर प्रशासन सख्त

जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन पर सख्त प्रशासन, डीएम दीपेश कुमार ने दिए नियमों के शत-प्रतिशत अनुपालन के निर्देश विशेष रिपोर्ट | बिहार विमर्श (सहरसा) सहरसा (03 अगस्त 2026)। सहरसा समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में सोमवार को जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2016 के तहत गठित जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की…

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स्मार्तविचारम: जब एक महिला के खुलासे से हिल गई कोचीन रियासत की नींव

केरल के कोचीन रियासत में एक युवती कुरियेडाथु थत्री (जिन्हें थथ्रिकुट्टी या सावित्री के नाम से भी जाना जाता है) को 1905 में व्यभिचार (अनैतिक संबंध) के आरोप में स्मार्तविचारम नामक एक कठोर पारंपरिक मुकदमे में घसीटा गया। यह मुकदमा नंबूदरी ब्राह्मण समाज में तबकी धार्मिक और कानूनी परम्पराओं के निर्धारण का एक नियम था…

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सहरसा-बनगांव मार्ग पर विशेष वाहन जांच अभियान, 46 वाहनों से लगभग ₹1.62 लाख का अर्थदंड

सुपर मार्केट बस स्टैंड में बसों के सुरक्षा उपकरणों की भी हुई जांच, यात्रियों की सुरक्षा एवं सुगम यातायात पर विशेष जोर सहरसा। जिला पदाधिकारी, सहरसा श्री दीपेश कुमार के निर्देशानुसार आज जिला परिवहन कार्यालय, सहरसा द्वारा सहरसा-बनगांव मार्ग पर विशेष वाहन जांच एवं सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। इसके साथ ही सहरसा नगर…

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जिसे शहर ‘जादू’ कहता है: ग्रामीण पर्यटन का एक अनकहा सच

बिहार विमर्श विशेष: अक्सर जब हम पर्यटन की बात करते हैं, तो हमारे दिमाग में चमचमाती सड़कें, आलीशान होटल और सुव्यवस्थित गाइड आते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि असली भारत—जो गाँवों में बसता है—वहाँ पर्यटन का सबसे बड़ा अवरोधक क्या है? आप शायद कहेंगे पैसा, खराब सड़कें या संसाधनों की कमी। लेकिन…

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क्या प्रशासनिक विफलता की ओर जा रहा है महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय?

राजेश सारथी की फेसबुक वाल से महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय लम्बे समय से जिस दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है, वह केवल प्रशासनिक विफलता का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह एक ऐसे संस्थागत पतन का प्रतीक बन चुका है जहाँ सत्ता, संरक्षण और चयनात्मक कार्रवाई ने शिक्षा, नैतिकता और न्याय…

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स्क्रीनशॉट में पैरा सोशल री-एंकरिंग कैसे दिखेगी?

गंभीर मुद्दों पर सोशल मीडिया में चर्चा करने के बदले लोग एंटरटेनमेंट पर ध्यान देते होंगे, इसलिए ऐसा होता होगा, ऐसा हमें भी कई वर्ष पहले लगता था। बाद में समझ में आया कि सोशल मीडिया का एल्गोरिदम डिज़ाइन ही इसी बात को ध्यान में रखकर किया जाता है। इसमें जब आप “अरब स्प्रिंग” जैसी…

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जब ‘न्याय’ का मुखौटा पहनकर आता है नफरत का नया संस्करण!

इतिहास गवाह है कि जब भी किसी पूरी आबादी को ‘दुष्ट’ या ‘शोषक’ घोषित करना होता है, तो सबसे पहले ‘काल्पनिक अन्याय’ (Imagined Injustice) की एक थ्योरी गढ़ी जाती है। नाज़ी जर्मनी इसका सबसे भयानक उदाहरण है। हिटलर और उसके प्रोपेगेंडा मंत्री गोएबल्स ने जर्मन जनता के मन में यह बात बैठा दी थी कि…

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10 साल, 4 मंत्री और अंतहीन विवाद: शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट कार्ड!

शिक्षा मंत्रालय और शिक्षण के क्षेत्र में मौजूदा सरकार की असफलताओं की बात हो और स्मृति ईरानी का नाम याद न आए, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। उनकी दी गई डिग्रियों, जो चुनावी हलफनामों में दर्ज थीं, उनपर विवाद शुरू हुआ और फिर आगे पता चला कि सचमुच जो शैक्षणिक योग्यताएं बताई गई थीं,…

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