क्या एआई (AI) संपादक (Editor) की जगह ले सकता है?

संपादन में एआई की मदद कैसे लें, ये सवाल कभी न कभी छात्र-छात्राओं के मन में तो जरूर उठता है। कई लम्बे लेख कॉलेज असाइनमेंट में जमा करने होते हैं और अगर एआई से ऐसा किया जा सके तो काफी मदद तो मिल ही जायगी। ऐसी स्थिति में याद रखने लायक सबसे जरूरी बात ये…

Read More

बिहार की विकास यात्रा, संस्कृति, साहित्य और अर्थव्यवस्था पर हुआ व्यापक विमर्श

पटना, 23 मार्च: ऐतिहासिक पटना संग्रहालय (जादूघर) में पाटलिपुत्र विमर्श समिति द्वारा 21-22 मार्च को दो दिवसीय संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थाओं के छात्र-छात्राओं, विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं एवं बुद्धिजीवियों समेत 300 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। “पाटलिपुत्र विमर्श 2026” कार्यक्रम के पहले दिन श्री प्रेम…

Read More

क्या महिलाओं की सुरक्षा सिर्फ कागजों तक सीमित है?

‘POSH कानून’ से क्यों कतराती हैं कंपनियाँ? कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए बना ‘पॉश एक्ट’ (Prevention of Sexual Harassment – POSH Act, 2013) भारत के कॉर्पोरेट इतिहास का एक मील का पत्थर है। लेकिन 11 साल बीत जाने के बाद भी एक कड़वा सवाल आज भी खड़ा है –…

Read More

स्मार्तविचारम: जब एक महिला के खुलासे से हिल गई कोचीन रियासत की नींव

केरल के कोचीन रियासत में एक युवती कुरियेडाथु थत्री (जिन्हें थथ्रिकुट्टी या सावित्री के नाम से भी जाना जाता है) को 1905 में व्यभिचार (अनैतिक संबंध) के आरोप में स्मार्तविचारम नामक एक कठोर पारंपरिक मुकदमे में घसीटा गया। यह मुकदमा नंबूदरी ब्राह्मण समाज में तबकी धार्मिक और कानूनी परम्पराओं के निर्धारण का एक नियम था…

Read More

आपका क्या दाँव पर लगा है?

आजकल सोशल मीडिया पर हर कोई हर मुद्दे पर विशेषज्ञ बन रहा है। लेकिन नसीम निकोलस तालेब की मशहूर किताब ‘स्किन इन द गेम’ (Skin in the Game) हमें एक बहुत कड़वा और ज़रूरी सबक सिखाती है—अगर किसी मुद्दे पर बोलते वक्त आपका खुद का कुछ दाँव पर नहीं लगा है, तो आपकी राय ‘अप्रासंगिक’…

Read More

जीडीपी की नई श्रृंखला : अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

27 फरवरी, 2026   सकल घरेलू उत्पाद क्या है?   सकल घरेलू उत्पाद, जिसे आमतौर पर जीडीपी के तौर पर जाना जाता है, एक लेखा अवधि में घरेलू अर्थव्यवस्था में उत्पादित अंतिम वस्तु और सेवा का मूल्य है। अर्थव्यवस्था में एक अवधि से दूसरी अवधि में सार्थक तरीके से हुए बदलाव का आकलन करने के…

Read More

राजगीर की धरती पर फिर गूँजेंगी ज्ञान और साहित्य की वैश्विक आवाजें: नालंदा अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव 2026

राजगीर, बिहार: प्राचीन भारत के स्वर्णिम ज्ञान केंद्र नालंदा की ऐतिहासिक भूमि एक बार फिर वैश्विक बौद्धिक विमर्श का केंद्र बनने जा रही है। 12 से 15 मार्च, 2026 तक राजगीर में ‘नालंदा अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव’ (NILF) 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा । यह महोत्सव न केवल साहित्य का उत्सव है, बल्कि प्राचीन नालंदा…

Read More

SC/ST कानून में मोदी सरकार के ऐतिहासिक बदलाव

अपराधों की सूची 22 से बढ़ाकर 47 कैसे हुई? भारतीय समाज के सबसे वंचित और पिछड़े वर्गों को न्याय दिलाने की दिशा में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) एक सशक्त कवच की भूमिका निभाता है। अक्सर राजनीति में इस कानून को लेकर चर्चाएँ होती हैं, लेकिन बहुत कम लोग यह…

Read More

PoSH एक्ट के क्रियान्वयन में ‘हिचकिचाहट’ और ‘दुरुपयोग’ का पूर्ण सच

कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाया गया PoSH एक्ट (2013) आज भी कई संगठनों के लिए एक दोधारी तलवार बना हुआ है। जहाँ एक तरफ यह महिलाओं को सशक्त बनाने का कानूनी हथियार है, वहीं दूसरी तरफ कई कंपनियां इसके ‘दुरुपयोग’ (Misuse) की आशंका के चलते इसे पूरी तरह अपनाने में कतराती हैं।…

Read More

फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष बनने पर अभय सिन्हा का पटना में भव्य सम्मान

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया बिहार के लिए गौरव का क्षण पटना। भारतीय फिल्म उद्योग की शीर्ष संस्था फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (एफएफआई) के अध्यक्ष पद पर निर्वाचित होने के बाद फिल्म निर्माता अभय सिन्हा का सम्मान कल पटना के प्रतिष्ठित होटल मौर्य में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में…

Read More