Headlines

स्मार्तविचारम: जब एक महिला के खुलासे से हिल गई कोचीन रियासत की नींव

केरल के कोचीन रियासत में एक युवती कुरियेडाथु थत्री (जिन्हें थथ्रिकुट्टी या सावित्री के नाम से भी जाना जाता है) को 1905 में व्यभिचार (अनैतिक संबंध) के आरोप में स्मार्तविचारम नामक एक कठोर पारंपरिक मुकदमे में घसीटा गया। यह मुकदमा नंबूदरी ब्राह्मण समाज में तबकी धार्मिक और कानूनी परम्पराओं के निर्धारण का एक नियम था…

Read More

जरा धीरे धीरे गाड़ी हांको मेरे राम गाड़ी वाले – कबीर भजन

जरा धीरे धीरे गाड़ी हांको, मेरे राम गाड़ी वाले, जरा हलके गाड़ी हांको, मेरे राम गाड़ी वाले, जरा हौले हौले गाड़ी हांको, मेरे राम गाड़ी वाले ॥ है जी गाड़ी म्हारी रंग रंगीली, पहिया है लाल गुलाल, गाड़ी म्हारी रंग रंगीली, पहिया है लाल गुलाल, हाकण वाली छेल छबीली, बैठण वालो राम, रे भैया धीरे…

Read More

ओस की बूंदों और भैरव के सुरों से सजी पटना की सुबह: ईको पार्क में ‘संगीत बिहान’ की गूंज

​पटना। राजधानी की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच आज की सुबह कुछ अलग थी। ईको पार्क की हरियाली पर बिखरी ओस की चांदी जैसी बूंदें और ताजी हवा के झोंकों के बीच जब बनारस घराने के सुर घुले, तो टहलने निकले शहरवासी ठिठक कर रह गए। कला एवं संस्कृति विभाग तथा बिहार संगीत नाटक अकादमी…

Read More

फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष बनने पर अभय सिन्हा का पटना में भव्य सम्मान

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया बिहार के लिए गौरव का क्षण पटना। भारतीय फिल्म उद्योग की शीर्ष संस्था फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (एफएफआई) के अध्यक्ष पद पर निर्वाचित होने के बाद फिल्म निर्माता अभय सिन्हा का सम्मान कल पटना के प्रतिष्ठित होटल मौर्य में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में…

Read More

सहरसा में शुरू हो रहा नया “आधार सेवा केंद्र”

सहरसा जिले में आम नागरिकों को बेहतर एवं सुगम आधार सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु UIDAI द्वारा आधुनिक सुविधाओं से युक्त “आधार सेवा केंद्र” प्रारंभ किया जा रहा है। इस केंद्र पर आधार नामांकन, मोबाइल नंबर अपडेट, पता सुधार, बायोमेट्रिक अपडेट, बच्चों का आधार अपडेट सहित सभी आधार संबंधी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। इस आधार सेवा केंद्र…

Read More

आपदा की आहट और ‘मूक’ पुकार

क्या हमारी चेतावनी प्रणाली समावेशी है? जब संकट का शोर सबके लिए एक समान न हो तो क्या होगा? बाढ़, भूकंप या चक्रवात—प्राकृतिक आपदाएं किसी में भेदभाव नहीं करतीं। लेकिन क्या हमारी ‘प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली’ (Early Warning System) उतनी ही निष्पक्ष है? अक्सर, जब लाउडस्पीकर पर खतरे का सायरन बजता है, तो हम यह मान…

Read More

आपका क्या दाँव पर लगा है?

आजकल सोशल मीडिया पर हर कोई हर मुद्दे पर विशेषज्ञ बन रहा है। लेकिन नसीम निकोलस तालेब की मशहूर किताब ‘स्किन इन द गेम’ (Skin in the Game) हमें एक बहुत कड़वा और ज़रूरी सबक सिखाती है—अगर किसी मुद्दे पर बोलते वक्त आपका खुद का कुछ दाँव पर नहीं लगा है, तो आपकी राय ‘अप्रासंगिक’…

Read More

कृषि पर भीषण गर्मी का प्रहार

पर्यावरण डेस्क भीषण गर्मी केवल तापमान का बढ़ना नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी जटिल श्रृंखला है जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हमारी पूरी कृषि पारिस्थितिकी तंत्र (Agricultural Ecosystem) को अस्त-व्यस्त कर देती है। इन्फोग्राफिक के अनुसार, इसके प्रभाव को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है: प्रत्यक्ष प्रभाव: भूमि और…

Read More

बिहार की बौद्धिक परंपरा : पांडुलिपियाँ, चित्र एवं अभिलेख

– पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए अखिल भारतीय अभियान – अभियान तीन महीने तक चलेगा – कोई भी व्यक्ति , संस्थान किसी भी पाण्डुलिपि को संरक्षण करने के लिए पहल कर सकते हैं – ज्ञान भारतम मोबाइल एप्लीकेशन” ऐप के माध्यम से जानकारी सरकार के साथ साझा कर सकती है पटना| राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण (ज्ञानभारतम…

Read More

बिहार भूमि सुधार: अधिकार, समाधान और डिजिटल भविष्य

बिहार में भूमि सुधार न केवल एक कानूनी प्रक्रिया है, बल्कि यह सामाजिक न्याय का आधार भी है। ‘बिहार भूमि सुधार अधिनियम’ के माध्यम से मालिकाना हक, बटाईदारी और सुगम अधिकारों (Easement Rights) को स्पष्ट किया गया है। 1. भूमि अधिकार: कानून की सुरक्षा बिहार का कानून विशेष रूप से अनुसूचित जातियों, जनजातियों और महिलाओं…

Read More