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Anand Kumar

फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष बनने पर अभय सिन्हा का पटना में भव्य सम्मान

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया बिहार के लिए गौरव का क्षण पटना। भारतीय फिल्म उद्योग की शीर्ष संस्था फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (एफएफआई) के अध्यक्ष पद पर निर्वाचित होने के बाद फिल्म निर्माता अभय सिन्हा का सम्मान कल पटना के प्रतिष्ठित होटल मौर्य में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में…

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राजगीर की धरती पर फिर गूँजेंगी ज्ञान और साहित्य की वैश्विक आवाजें: नालंदा अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव 2026

राजगीर, बिहार: प्राचीन भारत के स्वर्णिम ज्ञान केंद्र नालंदा की ऐतिहासिक भूमि एक बार फिर वैश्विक बौद्धिक विमर्श का केंद्र बनने जा रही है। 12 से 15 मार्च, 2026 तक राजगीर में ‘नालंदा अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव’ (NILF) 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा । यह महोत्सव न केवल साहित्य का उत्सव है, बल्कि प्राचीन नालंदा…

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धूल भरी किताबों से परे – ए.के. रामानुजन की “फोकटेल्स फ्रॉम इंडिया”

क्या आपको याद है जब बचपन में नानी या दादी कहानी सुनाती थीं? वे कहानियाँ किसी स्कूल की किताब में नहीं थीं, लेकिन उनमें एक जादू था। वे कहानियाँ हमें हंसाती थीं, डराती थीं, और कल्पनाओं के एक ऐसे लोक में ले जाती थीं जहाँ सब कुछ संभव था। आज के डिजिटल युग में हम…

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SC/ST कानून में मोदी सरकार के ऐतिहासिक बदलाव

अपराधों की सूची 22 से बढ़ाकर 47 कैसे हुई? भारतीय समाज के सबसे वंचित और पिछड़े वर्गों को न्याय दिलाने की दिशा में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) एक सशक्त कवच की भूमिका निभाता है। अक्सर राजनीति में इस कानून को लेकर चर्चाएँ होती हैं, लेकिन बहुत कम लोग यह…

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ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर भारतीय रेलवे

नई दिल्ली: वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता और पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में बढ़ते तनाव के बीच, जहाँ दुनिया भर में कच्चे तेल की आपूर्ति श्रृंखला पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं, भारतीय रेलवे ने एक मजबूत सुरक्षा कवच तैयार कर लिया है। पिछले एक दशक में ‘मिशन मोड’ में किए गए रेलवे विद्युतीकरण (Electrification) ने…

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जरा धीरे धीरे गाड़ी हांको मेरे राम गाड़ी वाले – कबीर भजन

जरा धीरे धीरे गाड़ी हांको, मेरे राम गाड़ी वाले, जरा हलके गाड़ी हांको, मेरे राम गाड़ी वाले, जरा हौले हौले गाड़ी हांको, मेरे राम गाड़ी वाले ॥ है जी गाड़ी म्हारी रंग रंगीली, पहिया है लाल गुलाल, गाड़ी म्हारी रंग रंगीली, पहिया है लाल गुलाल, हाकण वाली छेल छबीली, बैठण वालो राम, रे भैया धीरे…

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बिहार भूमि सुधार: अधिकार, समाधान और डिजिटल भविष्य

बिहार में भूमि सुधार न केवल एक कानूनी प्रक्रिया है, बल्कि यह सामाजिक न्याय का आधार भी है। ‘बिहार भूमि सुधार अधिनियम’ के माध्यम से मालिकाना हक, बटाईदारी और सुगम अधिकारों (Easement Rights) को स्पष्ट किया गया है। 1. भूमि अधिकार: कानून की सुरक्षा बिहार का कानून विशेष रूप से अनुसूचित जातियों, जनजातियों और महिलाओं…

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बिहार विधान मंडल की महिला सदस्य भी हुईं महिला सशक्तिकरण संबंधी परिचर्चा में शामिल

पटना, 28 फरवरी 2026 समाज कल्याण विभाग, बिहार द्वारा आज बिहार विधान सभा के विस्तारित भवन स्थित ऑडिटोरियम में बिहार विधान मंडल की माननीय महिला सदस्यों के साथ महिलाओं के सशक्तिकरण से संबंधित विभिन्न योजनाओं पर परिचर्चा एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों के…

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स्मार्तविचारम: जब एक महिला के खुलासे से हिल गई कोचीन रियासत की नींव

केरल के कोचीन रियासत में एक युवती कुरियेडाथु थत्री (जिन्हें थथ्रिकुट्टी या सावित्री के नाम से भी जाना जाता है) को 1905 में व्यभिचार (अनैतिक संबंध) के आरोप में स्मार्तविचारम नामक एक कठोर पारंपरिक मुकदमे में घसीटा गया। यह मुकदमा नंबूदरी ब्राह्मण समाज में तबकी धार्मिक और कानूनी परम्पराओं के निर्धारण का एक नियम था…

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जब ‘न्याय’ का मुखौटा पहनकर आता है नफरत का नया संस्करण!

इतिहास गवाह है कि जब भी किसी पूरी आबादी को ‘दुष्ट’ या ‘शोषक’ घोषित करना होता है, तो सबसे पहले ‘काल्पनिक अन्याय’ (Imagined Injustice) की एक थ्योरी गढ़ी जाती है। नाज़ी जर्मनी इसका सबसे भयानक उदाहरण है। हिटलर और उसके प्रोपेगेंडा मंत्री गोएबल्स ने जर्मन जनता के मन में यह बात बैठा दी थी कि…

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